महिला सशक्तिकरण की मिसाल साबित करने वाली - अहिल्याबाई होल्कर

भारत की रानियां, महारानियां और मल्लिकाएं केवल अपने सौंदर्य और प्रतिभा के लिए ही नहीं जानी जाती बल्कि उनकी शक्ति, सामाजिक कार्य जैसे कारण से भी जानी जाती है। ऐसी ही एक महिला है जिन्होंने महिला सशक्तिकरण की मिसाल साबित की थी जिनका नाम है अहिल्याबाई होल्कर।


अहिल्याबाई होल्कर


अहिल्याबाई होल्कर मध्यप्रदेश के महेश्वर की कर्ताधर्ता थी और होल्कर साम्राज्य का एक अहम हिस्सा। उन्होंने कई लोगों के आक्रमण से अपने मालवा की रक्षा की और सामाजिक कार्य भी किए।


होल्कर ने औरंगजेब द्वारा तोड़े हुए मंदिरों का दोबारा निर्माण करवाया साथ ही पूरे भारत में श्रीनगर, हरिद्वार, केदारनाथ, बदरीनाथ, सोमनाथ, महाबलेश्वर, इंदौर, प्रयाग, वाराणसी, काठमांडू आदि में बहुत से मंदिर बनवाए।


अहिल्याबाई के पति की मृत्यु के बाद उनके ससुर ने उन्हें सती होने से रोका और उन्हें सैन्य शिक्षा दी जिसकी वजह से वह महिला सशक्तिकरण की मिसाल मानी जाती है। उन्होंने राजपूत, भील, दीवान, गंगाधर राव और कई विदेशी शासकों के आक्रमण से अपने राज्य को बचाया और उत्तराधिकारी की बागडोर भी संभाली।


अहिल्याबाई ने केवल मंदिर ही नहीं बल्कि अनाथ आश्रम, सिंचाई टैंक्स बनवा कर समाजसेवी का कार्य भी किया। होल्कर एक ऐसी रानी थी जिन्हें सत्ता का लोभ नहीं बल्कि समृद्धि की कामना थी। 1795 में उनकी मृत्यु हुई लेकिन उस सदी में भी पढ़ लिखकर आत्म निर्भरता का पाठ पढ़ाने वाली अहिल्याबाई सबके दिलों में छाप छोड़ गई।

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