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नवरात्रि - देवी के नौ अनोखे स्वरूप

नवरात्रि यानी नौ रातें  देवी की हो जय जयकारे वर्ष में दो बार मनाते है मां का दरबार सजाते हैं प्रेम भाव से दर्शन करने हम सभी आते तेरे द्वारे हैं नौ रात-दिन करें हम तेरी ही पूजा और न सूझे हमें कोई काम दूजा   नौ अलग-अलग स्वरूप तेरे हृदय में बसें हैं जो मेरे पहला रूप शैलपुत्री का पुत्री पहाड़ों वाली का ब्रह्मचारिणी है तेरा दूसरा स्वरूप अनंत संसार में अनंत तेरा स्वरूप चंद्रघंटा है तीसरा तेरा नाम चंद्रमा की तरह चमकता तेरा धाम  चौथा रूप कूष्माण्डा देवी की भक्ति का करती मस्तिष्क की वृद्धि की शक्ति का पांचवां तेरा नाम स्कंदमाता  भगवान कार्तिकेय की माता कात्यानी है तेरा छठा स्वरूप नकरात्मक-सकरात्मक तेरे दो रूप सातवां तेरा रूप है कालरात्रि  काल का नाश करे जो देवी आठवां रूप महागौरी का वरदान दे पूर्ण मनोकामना का नौवां तेरा रूप सिद्धिदात्री का दे हमें मन की शांति की क्षमता

प्रथम अंतरिक्ष महिला यात्री - कल्पना चावला

कल्पना चावला को भारत की प्रथम महिला के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने अंतरिक्ष पर पहुंच कर भारत का नाम रोशन किया। उन्होंने ना केवल भारत देश में बल्कि विदेश में भी महान शख्सियत के रूप में नाम कमाया और भारत देश का गौरव बढ़ाया।  कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च 1965 को करनाल हरियाणा में हुआ था उनके पिता का नाम श्री बनारसी लाल चावला और माता का नाम सज्योति देवी था। कल्पना चावला के तीन भाई बहन और थे, जिसमें से वह सबसे छोटी थी। उन्हें प्यार से मोंटू कहकर बुलाया जाता था। बचपन से ही कल्पना को अंतरिक्ष में जाने की इच्छा थी, जिसके लिए उनके माता-पिता ने उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने पर प्रोत्साहित किया। कल्पना चावला ने अभियांत्रिकी में शिक्षा उपलब्ध करने के बाद धीरे धीरे अपनी उड़ान ली। मार्च 1995 में नासा के अंतरिक्ष यात्री कोर में शामिल होकर अपनी पहली उड़ान के लिए कदम बढ़ाया। 19 नवंबर 1997 को छह अंतरिक्ष यात्रियों के दल के साथ अंतरिक्ष का पहला मिशन शुरू हुआ जिसमें कल्पना चावला देश की पहली अंतरिक्ष महिला यात्री थी। कल्पना चावला केवल अपनी अंतरिक्ष यात्रा के लिए मशहूर नहीं थी बल्कि साथ ही साथ ...